aksharwarta
Wednesday, 28 December 2016
राह जीवन की मुश्किल बड़ी हे मगर
जैसे गुज़री हुई इक घड़ी ये डगर
जीना है साथ सुख दुःख के हाथ में
आड़ी तिरछी लकीरो का है ये सफर
Copyright@डॉ मोहन बैरागी
राह जीवन की मुश्किल बड़ी हे मगर
जैसे गुज़री हुई इक घड़ी ये डगर
जीना है साथ सुख दुःख के हाथ में
आड़ी तिरछी लकीरो का है ये सफर
Copyright@डॉ मोहन बैरागी
Sunday, 4 December 2016
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